एहसास और अल्फ़ाज़

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पंख लगा कर उड़ नहीं सकती मेरी यह चिट्ठी क्योंकि,
एहसास और अल्फ़ाज़ दोनों ही बहुत भारी हैं इसमें।

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मोहब्बत करना जरुरी था

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